मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इज़राइल को एक और कूटनीतिक झटका लगा है। Giorgia Meloni के नेतृत्व वाली Italy सरकार ने Israel के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को निलंबित करने का फैसला किया है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस समझौते में सैन्य उपकरणों और रक्षा तकनीक से जुड़े अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल था। वेरोना में एक कार्यक्रम के दौरान मेलोनी ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
रक्षा समझौते पर रोक
रिपोर्ट के मुताबिक, इटली और इज़राइल के बीच रक्षा सहयोग समझौते का स्वतः नवीनीकरण होना था, लेकिन सरकार ने फिलहाल इसे रोक दिया है। इस फैसले को पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सुरक्षा हालात से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईरान ने अरब देशों से मांगा मुआवजा
दूसरी ओर Iran ने क्षेत्रीय विवाद को लेकर कई अरब देशों से मुआवजे की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir‑Saeid Iravani ने United Nations के महासचिव António Guterres और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका-इज़राइल के हमलों का समर्थन किया है।
ईरान ने Bahrain, Saudi Arabia, Qatar, United Arab Emirates और Jordan से कथित समर्थन के लिए मुआवजे की मांग की है। हालांकि ईरान ने इन देशों की ओर से की गई किसी भी मुआवजा मांग को खारिज भी किया है।
कतर ने बातचीत से किया इनकार
इस बीच Qatar के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al‑Ansari ने कहा कि ईरान के साथ किसी तरह के मुआवजे को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने ऐसी खबरों को निराधार बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय बैठक
इधर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर Emmanuel Macron और Keir Starmer पेरिस में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में Strait of Hormuz में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए संभावित बहुपक्षीय रक्षा मिशन पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन घटनाओं से पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और सैन्य समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
