मल्लिकार्जुन खरगे ने बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता की परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय केवल प्रचार और विदेश दौरों में व्यस्त है।
खरगे ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में चौथी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की समस्याओं को हल करने में असफल साबित हो रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि यदि महंगाई और बेरोजगारी इसी तरह बढ़ती रही, तो उद्योग-धंधों पर भी असर पड़ेगा और कारखाने बंद होने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार देश चलाना चाहती है या “पर्यटक बनकर” अलग-अलग देशों की यात्रा करना चाहती है।
कच्चे तेल की कीमतों का हवाला
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और वर्तमान ईंधन दरों की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने पदभार संभाला था, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल था और पेट्रोल 71.51 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।
उनके अनुसार, वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल करीब 102 रुपये और डीजल 95 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार टैक्स और मूल्य वृद्धि के जरिए आम जनता से अतिरिक्त वसूली कर रही है।
उन्होंने कहा कि कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि होना सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।
