Vijay Shankar Retirement : भारतीय क्रिकेट के पूर्व ऑलराउंडर विजय शंकर ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 35 साल के विजय शंकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भावुक नोट शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी। अपने करियर की यादों को साझा करते हुए उन्होंने देश के लिए खेलना अपना सबसे बड़ा सम्मान बताया और साथ ही करियर में झेली गई आलोचनाओं और ट्रोलिंग पर भी खुलकर बात की। अपने संदेश के अंत में उन्होंने खुद को “आपका 3D क्रिकेटर” लिखकर साइन किया।
यादगार पल: वर्ल्ड कप की पहली गेंद और नागपुर का आखिरी ओवर
विजय शंकर ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उन्होंने अपने करियर के दो सबसे यादगार पलों को साझा किया। पहला 2019 के वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच, जहां भुवनेश्वर कुमार के चोटिल होने के बाद उन्होंने ओवर पूरा किया और पहली ही गेंद पर विकेट लिया। यह उपलब्धि उन्हें इतिहास में भारत के पहले और दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल करती है।
दूसरा यादगार पल था नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के 500वें वनडे मैच का आखिरी ओवर, जिसमें विजय ने दबाव की परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई।
करियर में झेली आलोचना और नकारात्मकता
विजय शंकर ने अपने करियर के दौरान सोशल मीडिया ट्रोलिंग और अवास्तविक नफरत का सामना किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने इसे नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ना चुना। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
3D क्रिकेटर क्यों कहा जाता है विजय शंकर को?
विजय शंकर को 3D क्रिकेटर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में सक्षम हैं। यह उपनाम 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के समय लगा, जब चयनकर्ताओं ने उनके चयन को सही ठहराते हुए कहा कि वे नंबर 4 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं, मध्यम गति की गेंदबाजी कर सकते हैं और बेहतरीन फील्डिंग भी कर सकते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में विजय को 3D क्रिकेटर के रूप में जाना जाने लगा।
इंटरनेशनल और आईपीएल करियर का आंकड़ा
विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 223 रन बनाए और 4 विकेट लिए। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 9 मैचों में 101 रन बनाए और 5 विकेट चटकाए।
आईपीएल में उन्होंने 78 मैच खेलते हुए 1233 रन बनाए, 7 अर्धशतक जड़े और 9 विकेट भी हासिल किए। वे 2022 में IPL खिताब जीतने वाली गुजरात टाइटंस की टीम का अहम हिस्सा भी रहे।
आगे की योजना और भावी कदम
विजय शंकर ने अपने नोट में संकेत दिया कि अब वे नए क्षेत्रों में अपने अनुभव का उपयोग करना चाहते हैं और क्रिकेट के साथ जुड़े रहकर युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देंगे। उनका संन्यास भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावनात्मक क्षण है, लेकिन उनके योगदान और यादगार पलों को हमेशा याद रखा जाएगा।
