Rahul Gandhi In Lok Sabha: नई दिल्ली। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संबंधी तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण का नहीं, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को बदलने और दक्षिण भारतीय राज्यों को कमजोर करने की कोशिश है।
राहुल गांधी का भावुक भाषण
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अपनी दादी इंदिरा गांधी से जुड़ी एक निजी कहानी से की। उन्होंने बताया कि बचपन में उनकी दादी ने उन्हें डर के खिलाफ लड़ना सिखाया था। राहुल ने कहा कि हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है और महिलाएं देश की सोच में ड्राइविंग फोर्स हैं।
सरकार पर 9 बड़े आरोप
राहुल गांधी ने सरकार पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
- यह महिलाओं का बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है।
- यह देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है।
- सरकार संविधान से ज्यादा मनुवाद में विश्वास रखती है।
- एससी-एसटी और आदिवासियों का हक छीना जा रहा है।
- दलितों और आदिवासियों को हिंदू तो कहा जाता है, लेकिन उन्हें अधिकार नहीं दिए जाते।
- दक्षिण भारतीय राज्यों को कमजोर करने का मकसद है।
- यह विधेयक राष्ट्रविरोधी है।
- सरकार को सत्ता जाने का डर है।
- दलितों के साथ क्रूर और बेरहम व्यवहार किया जा रहा है।
परिसीमन पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सरकार का असली उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में दक्षिण राज्यों की सीटें कम करके उनका राजनीतिक प्रभाव घटाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष दक्षिण राज्यों को कमजोर नहीं होने देगा और उनके प्रतिनिधित्व की रक्षा करेगा।
भाषण के दौरान सदन में कई बार हंगामा हुआ। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को बार-बार रोका और संसदीय भाषा का पालन करने की हिदायत दी। राहुल ने ‘जादूगर’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए भी सरकार पर तंज कसा, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई।
राहुल गांधी का यह भाषण महिला आरक्षण और परिसीमन मुद्दे पर विपक्ष की रणनीति को साफ तौर पर दिखाता है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।
