सोमनाथ। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और समुद्र तट की प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है। हाल ही में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि देखने को मिल रही है।
सोमनाथ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और मंदिर दर्शन के साथ आसपास के पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी आराम से किया जा सकता है। गर्मियों में यहां तापमान काफी अधिक रहता है, जिससे यात्रा थोड़ी कठिन हो सकती है।
सोमनाथ पहुंचने के लिए हवाई, रेल और सड़क तीनों विकल्प उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डा दीव है, जो मंदिर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके अलावा राजकोट एयरपोर्ट से भी सड़क मार्ग के जरिए सोमनाथ पहुंचा जा सकता है। रेल यात्रा करने वाले श्रद्धालु सोमनाथ रेलवे स्टेशन या वेरावल जंक्शन तक पहुंच सकते हैं। वेरावल देश के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। सड़क मार्ग से अहमदाबाद, राजकोट और जामनगर से नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।
सोमनाथ आने वाले पर्यटक मंदिर दर्शन के अलावा त्रिवेणी संगम, भालका तीर्थ, वेरावल बीच और मंदिर परिसर में आयोजित लाइट एंड साउंड शो का आनंद भी ले सकते हैं। त्रिवेणी संगम को हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों का संगम स्थल माना जाता है, जबकि भालका तीर्थ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र है।
सोमनाथ मंदिर में प्रवेश निशुल्क है। ठहरने के लिए मंदिर ट्रस्ट के गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और विभिन्न श्रेणी के होटल उपलब्ध हैं। सामान्य धर्मशाला में 500 से 1000 रुपये तक, जबकि अच्छे होटल में 1500 से 4000 रुपये प्रतिदिन तक का खर्च आ सकता है। भोजन के लिए यहां शुद्ध शाकाहारी गुजराती और उत्तर भारतीय व्यंजन आसानी से उपलब्ध हैं, जहां प्रति व्यक्ति 100 से 300 रुपये में भोजन किया जा सकता है।
यदि कोई यात्री दो दिन की यात्रा की योजना बनाता है तो बजट श्रेणी में पूरी यात्रा लगभग 4,000 से 8,000 रुपये प्रति व्यक्ति में पूरी हो सकती है। वहीं बेहतर होटल और निजी वाहन के साथ यह खर्च 10,000 रुपये या उससे अधिक हो सकता है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शाम की आरती में अवश्य शामिल होना चाहिए। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। इनके लिए बाहर क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध है। त्योहारों और अवकाश के मौसम में यात्रा करने वालों को होटल या धर्मशाला की बुकिंग पहले से कर लेना बेहतर रहेगा।
यदि समय हो तो सोमनाथ के साथ गिर राष्ट्रीय उद्यान और द्वारका की यात्रा भी की जा सकती है, जिससे धार्मिक और पर्यटन दोनों अनुभव एक साथ प्राप्त होते हैं।
