Ram Mandir Donation Theft Case : अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के तहत पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों के घरों और ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस दौरान अब तक करीब 79 लाख 85 हजार रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
एक साथ कई ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
रविवार को यूपी पुलिस की टीमों ने सभी आरोपियों के आवास और संभावित ठिकानों पर समन्वित छापे मारे। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान केवल नकदी ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है और साथ ही आरोपियों के परिजनों से पूछताछ भी की जा रही है।
परिवार और संपत्तियों की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब आरोपियों की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद की गई राशि का स्रोत क्या है और क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका शामिल है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
ट्रस्ट में बदलाव की तैयारी
इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट के सदस्यों से सुझाव मांगे गए हैं और 11 जुलाई को अयोध्या में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलावों पर निर्णय लिया जा सकता है, जिसमें नए पदों की नियुक्ति और पेशेवर प्रबंधन प्रणाली को शामिल किया जा सकता है।
चंदा चोरी मामले ने पकड़ा तूल
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के कथित दुरुपयोग और चोरी के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। SIT की शुरुआती जांच में प्रबंधन व्यवस्था में कई खामियां सामने आई हैं। अब तक आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी टिन्नू यादव भी शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
आगे की जांच पर सबकी नजर
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
