गणेश चतुर्थी के अवसर पर राजधानी रायपुर का ऐतिहासिक गोल बाजार गणपति बप्पा की भक्ति और उत्सव के रंग में नजर आया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रात्रि में गोल बाजार पहुंचकर श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा स्थापित भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री साय ने भगवान गणेश को मुकुट पहनाकर तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के बीच आरती की। उन्होंने भगवान गणेश से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, प्रदेश की निरंतर प्रगति और प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। गणेशोत्सव हमारी आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जो समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाली परंपरा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा की कृपा से छत्तीसगढ़ विकास और समृद्धि के पथ पर लगातार आगे बढ़े तथा हर घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने गोल बाजार में 117 वर्षों से लगातार चली आ रही गणेशोत्सव परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आस्था और सामाजिक सहभागिता के साथ किसी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखना विशेष उपलब्धि है। ऐसी परंपराएं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं।
गौरतलब है कि गोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के समीप श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा पिछले 117 वर्षों से गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां स्थापित गणेश प्रतिमा अपनी भव्यता और आकर्षक स्वरूप के कारण रायपुर में श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है।
मुख्यमंत्री के गोल बाजार पहुंचने पर गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों तथा गणपति बप्पा के जयकारों के बीच फूल-मालाओं और गजमाला से उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
भगवान गणेश के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री साय गोल बाजार स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराने हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, श्रीचंद सुंदरानी, केदार गुप्ता, छगन मूंदड़ा, अमरजीत छाबड़ा सहित गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
