नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुए BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर भारत की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद भारत की अध्यक्षता में संयुक्त घोषणापत्र पारित होना एक बड़ी उपलब्धि है।
सिब्बल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि BRICS अलग-अलग तरह के देशों का एक विविध समूह है, ऐसे में सभी सदस्य देशों को एक साझा मंच पर लाकर किसी निष्कर्ष तक पहुंचना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर भारत के सामने सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संभालने और सर्वसम्मति बनाने की चुनौती थी।
उन्होंने भारत की भूमिका की तुलना कठिन परिस्थितियों से गुजरने से करते हुए कहा कि संयुक्त घोषणापत्र तैयार करना आसान काम नहीं था। सिब्बल के मुताबिक, बिना किसी बड़े विवाद के संयुक्त घोषणा-पत्र को मंजूरी मिलना भारत के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
हालांकि, सिब्बल ने BRICS की दिशा को लेकर कुछ चिंताएं भी जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि चीन और रूस BRICS को पश्चिमी देशों के विरोध में एक वैकल्पिक समूह के रूप में विकसित करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को ऐसे किसी पश्चिम-विरोधी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
सिब्बल ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र में वैकल्पिक मुद्रा या डी-डॉलरीकरण का उल्लेख नहीं किया गया है और इसे भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि BRICS को किसी एक दिशा में धकेलने के बजाय विभिन्न देशों के हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि घोषणापत्र में फिलिस्तीन और दो-राष्ट्र समाधान की बात शामिल होना बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाता है।
हालांकि, उन्होंने घोषणापत्र में किए गए वादों के वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल भी उठाए। सिब्बल ने कहा कि दस्तावेज में कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं, लेकिन उनका जमीनी स्तर पर कितना और किस तरह कार्यान्वयन होता है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
BRICS शिखर सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों ने संयुक्त घोषणापत्र अपनाया, जिसमें वैश्विक शासन और व्यापार प्रणाली में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन, स्टार्टअप्स और संक्रामक रोगों की रोकथाम जैसे क्षेत्रों से जुड़े परिणामों को भी सामने रखा गया।
