रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम, उर्स और अन्य इस्लामी धार्मिक आयोजनों को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरी तरह से कुरआन, हदीस और शरीयत के अनुसार ही किया जाना चाहिए। इसके साथ ही आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
डीजे, बैंड-बाजा और आतिशबाजी पर रोक
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मोहर्रम, ताजिया जुलूस, उर्स और दरगाह से जुड़े सभी कार्यक्रमों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी समितियों से अपील की गई है कि वे धार्मिक मर्यादा और परंपराओं का पालन करें।
समितियों को नियमों के पालन के निर्देश
बोर्ड ने राज्यभर की ताजिया, उर्स और दरगाह समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें। हाल ही में खमरिया क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने डीजे जब्त कर एफआईआर भी दर्ज की थी, जिसके बाद यह सख्ती और बढ़ा दी गई है।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान
वक्फ बोर्ड ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित समितियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील
बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को पूरी शांति, अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न करें। किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या विवाद से बचने की सलाह दी गई है ताकि त्योहार की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
