सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और अच्छी संगति के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद, कला, गायन, पठन-पाठन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
मंत्री वर्मा ने कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके जीवन में वास्तविक बदलाव लाते हैं। श्रेष्ठ विचारों का निर्माण अच्छी संगति से संभव होता है। उन्होंने पौराणिक उदाहरण देते हुए कहा कि गुरु द्रोणाचार्य के सानिध्य के बावजूद गलत संगति के कारण दुर्योधन का पतन हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सही संगति चुनने और सकारात्मक विचारों को अपनाने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा और जिला विकास के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। सारंगढ़ में ऑडिटोरियम निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच देश के भविष्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
सुराही का उदाहरण देकर समझाया सकारात्मक सोच का महत्व
मंत्री ने सकारात्मक विचारों की शक्ति समझाने के लिए कुम्हार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब कुम्हार ने चिलम बनाने के बजाय शीतल जल प्रदान करने वाली सुराही बनाने का निर्णय लिया, तो मिट्टी का रूप और उसका उद्देश्य दोनों बदल गए। इसी तरह सकारात्मक विचार व्यक्ति के जीवन को संवारने के साथ समाज में भी शांति और सकारात्मकता ला सकते हैं।
इस अवसर पर मंत्री ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया और जनभागीदारी मद से निर्मित नवीन अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया।
महाविद्यालय में सुविधाओं के विस्तार की मांग
कार्यक्रम में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने नवीन कक्ष के निर्माण पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए महाविद्यालय में सेमिनार हॉल निर्माण की मांग रखी।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए स्नातकोत्तर स्तर पर संस्कृत एवं गणित विषय प्रारंभ करने तथा सेमिनार हॉल निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, महाविद्यालय के प्राध्यापक, एनसीसी एवं एनएसएस कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
