रायपुर, 1 जून 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी एवं निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मूल्यों, नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत तथा विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के नियमित संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को अपने-अपने जिलों में इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सुबह से छुट्टी तक तय रहेगा कार्यक्रम
शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में प्रतिदिन तीन चरणों में निर्धारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रातःकालीन सभा
विद्यालय प्रारंभ होने पर आयोजित प्रार्थना सभा में क्रमशः:
- राष्ट्रगान
- राष्ट्रगीत
- दीप मंत्र
- सरस्वती वंदना
- गुरु मंत्र
- महापुरुषों की जीवनी का वाचन
मध्यान्ह भोजन के समय
- विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का पाठ
विद्यालय की छुट्टी के समय
- राज्यगीत
- गायत्री मंत्र
- शांति मंत्र का सामूहिक वाचन
नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास पर जोर
स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित संचालन से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों के आदर्शों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि निर्धारित कार्यक्रमों का पालन सही ढंग से किया जा रहा है या नहीं।
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में जारी निर्देशों का पालन नहीं पाया जाता है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन या प्राचार्य के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
इस नई व्यवस्था को विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक जुड़ाव और नैतिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
