न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की हाई-लेवल वीक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं। जयशंकर ने यूरोपीय संघ (EU) के सहयोगियों के साथ भारत-EU सहयोग, बहुपक्षीय मुद्दों और खाड़ी क्षेत्र, यूक्रेन तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रम पर चर्चा की।
जयशंकर ने नाउरू के राष्ट्रपति डेविड अडियांग से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत और नाउरू के बीच मजबूत द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत नाउरू के साथ विकास साझेदार के तौर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा जयशंकर ने स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस समेत अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी बैठकें कीं। स्विट्जरलैंड के साथ बातचीत में भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद आर्थिक संबंधों की प्रगति और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।
बहुपक्षीय सहयोग पर भारत का जोर
UNGA की हाई-लेवल वीक के दौरान जयशंकर ने ‘Partners for Multilateralism, International Law, Peace and Prosperity’ शिखर बैठक में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, नियमों और मानदंडों के पालन तथा प्रभावी बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
UNGA का 81वां सत्र ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्ष, आर्थिक चुनौतियां और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय आम बहस का चरण 22 से 26 सितंबर तक चल रहा है। जयशंकर 26 सितंबर को महासभा के आम बहस सत्र को संबोधित करेंगे।
