अबू धाबी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अबू धाबी में जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिश्विली से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-जॉर्जिया संबंधों को मजबूत बनाने और व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, संपर्क, संस्कृति तथा लोगों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक में मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
यह मुलाकात एस. जयशंकर की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा के दौरान हुई। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए जॉर्जिया की विदेश मंत्री से मिलकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं।
भारत-जॉर्जिया संबंधों को मजबूत करने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। बातचीत में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, संपर्क सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने जैसे विषय शामिल रहे।
भारत और जॉर्जिया के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए और आपसी संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
UAE पहुंचे एस. जयशंकर, रीम अल हाशिमी ने किया स्वागत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को अबू धाबी पहुंचे। यहां संयुक्त अरब अमीरात की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया।
जयशंकर की UAE यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करना तथा द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करना है। यात्रा के दौरान व्यापार, आर्थिक संबंधों और रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत प्रस्तावित है।
UAE के विदेश मंत्री के साथ होगी द्विपक्षीय बैठक
विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस. जयशंकर की UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की जानी है।
दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना इस बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल रहने की उम्मीद है।
भारत और UAE के संबंध पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, ऊर्जा, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में व्यापक हुए हैं। ऐसे में विदेश मंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
दूसरे रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम में भी लेंगे हिस्सा
एस. जयशंकर अबू धाबी में आयोजित दूसरे रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम में भी भाग लेने वाले हैं। इस मंच पर पश्चिम एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा, भू-राजनीतिक बदलाव और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और क्षेत्रीय तनाव अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के प्रमुख विषय बने हुए हैं। ऐसे माहौल में भारत की खाड़ी देशों के साथ साझेदारी और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर संवाद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी नजर
UAE यात्रा के दौरान होने वाली कूटनीतिक बातचीत का महत्व क्षेत्रीय सुरक्षा की मौजूदा परिस्थितियों से भी जुड़ा है। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग और सामूहिक स्थिरता को लेकर चर्चाएं तेज रही हैं।
UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने भी खाड़ी देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई को दोबारा सक्रिय करने और विशेष रूप से सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने की वकालत की।
ऐसे घटनाक्रमों के बीच भारत UAE और अन्य क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संवाद बनाए रखने तथा आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम यात्रा
एस. जयशंकर की अबू धाबी यात्रा में भारत-जॉर्जिया संबंधों पर हुई चर्चा के साथ भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा भी महत्वपूर्ण है। व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय इस यात्रा के व्यापक कूटनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं।
आगामी बैठकों और रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम में होने वाली चर्चाओं से भारत के क्षेत्रीय सहयोग और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर उसके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
