नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान को लेकर फैसला लेने के मूड में हैं और आने वाले दिनों में “बहुत बड़ी चीजें” हो सकती हैं। इसी बीच ईरान की ओर से अमेरिका के सामने बातचीत के लिए सात शर्तें रखे जाने की खबर है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना ने 109 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ईरान से निपटने के तीन संभावित विकल्पों का जिक्र किया। इनमें सैन्य कार्रवाई, आर्थिक दबाव बनाए रखना और कूटनीतिक समझौते का रास्ता शामिल है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरानी सरकार ठीक तरीके से पेश नहीं आती है तो आने वाले दिनों में बड़ा घटनाक्रम हो सकता है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क पहुंचने और विश्व नेताओं से मुलाकात की संभावना के बीच ट्रंप ने उनसे बातचीत की संभावना से भी इनकार नहीं किया। इस बीच ईरान ने कथित तौर पर कतर के जरिए अमेरिका तक सात शर्तें पहुंचाई हैं। इनमें युद्ध समाप्त करने, ईरान की फ्रीज संपत्तियां जारी करने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने जैसी मांगें शामिल बताई जा रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य में दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 20 सितंबर तक अमेरिकी सेनाओं ने 109 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला। अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई समुद्री नाकेबंदी से जुड़े नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। तनाव बढ़ने के साथ यहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक और कमोडिटी जहाजों की संख्या में भी कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य औसत की तुलना में काफी कम रही है।
अमेरिका की चेतावनी और ईरान की शर्तों के बीच अब सभी की नजरें आगे की कूटनीतिक बातचीत पर टिकी हैं। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
