विशाखापट्टनम, 9 जून 2026। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में सोमवार को हुए भीषण औद्योगिक हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में पांच स्थायी कर्मचारी और तीन संविदा कर्मी शामिल हैं।
क्रेन से ले जाया जा रहा था पिघला हुआ स्टील
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्लांट में क्रेन की सहायता से एक बड़े कंटेनर (लेडल) में लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला हुआ स्टील एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से कंटेनर से खौलता हुआ स्टील नीचे गिर गया और वहां कार्यरत मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे के बाद लगी आग
पिघला हुआ स्टील गिरने के बाद प्लांट के एक हिस्से में आग भी लग गई। हालांकि दमकल और आपातकालीन टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर समय रहते काबू पा लिया। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
जांच के आदेश
प्लांट प्रबंधन और प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा मानकों के पालन में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर भारी उद्योगों और स्टील संयंत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च तापमान वाले पदार्थों के परिवहन और संचालन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता एवं आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों का पालन आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
