कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने डीके शिवकुमार का स्थान लिया है। यह नियुक्ति शिवकुमार के कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद की गई, जिससे राज्य में पार्टी नेतृत्व का सुचारु हस्तांतरण सुनिश्चित हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के निर्देश के बाद गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने बीके हरिप्रसाद को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हरिप्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि उनके व्यापक राजनीतिक अनुभव और संगठन की गहरी समझ से कर्नाटक में कांग्रेस और अधिक मजबूत तथा एकजुट होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरिप्रसाद के नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को छुएगी।
हरिप्रसाद को आगामी राज्य विधान परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार भी बनाया गया है। इस निर्णय की घोषणा करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने बीके हरिप्रसाद को तत्काल प्रभाव से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष डीके शिवकुमार के योगदान की भी सराहना की।
बीके हरिप्रसाद लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न राज्यों में पार्टी की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी हैं, हालांकि कर्नाटक में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे यह दायित्व वापस लिया जा सकता है।
सिद्धारमैया ने भी हरिप्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता, लंबा राजनीतिक अनुभव, पार्टी के प्रति समर्पण और संघर्षपूर्ण जीवन राज्य कांग्रेस को नई दिशा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि डीके शिवकुमार ने प्रदेश कांग्रेस का प्रभावी नेतृत्व किया है और उनके योगदान की भी सराहना की जानी चाहिए।
कर्नाटक में सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर हुए इस बदलाव को कांग्रेस के लिए एक नए चरण की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार के पास होगी, जबकि संगठन को मजबूत करने का दायित्व बीके हरिप्रसाद संभालेंगे।
