दुर्ग। दुर्ग जिले में पुलिस ने चोरी की कई वारदातों का खुलासा करते हुए एक ऐसे दामाद को गिरफ्तार किया है, जो ससुराल में रहकर बंद मकानों की रेकी करता था और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। मामले में उसकी पत्नी और साली की संलिप्तता भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी नौशाद भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र स्थित अपने ससुराल में रहकर ड्राइवर का काम करता था। इसी दौरान वह सूने मकानों पर नजर रखता और अपने साढ़ू के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
जांच में पता चला कि चोरी किए गए जेवर और सामान को ठिकाने लगाने में उसकी पत्नी नगीना और साली मदीना भी शामिल थीं। दोनों चोरी के जेवर गिरवी रखने और बेचने का काम करती थीं। मामले में पावर हाउस बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान संचालक दुर्गेश गोस्वामी को भी चोरी का सोना-चांदी खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के गुरुनानक नगर, वैशाली नगर, हाउसिंग बोर्ड जामुल, चरोदा, राधिका नगर, पुदुमनगर और बालोद जिले के करहीभदर इलाके में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
पुलिस ने करीब 1600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक संदिग्ध युवक कई जगहों पर दिखाई दिया। हालांकि शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में सोशल मीडिया की मदद से आरोपी की पहचान नौशाद के रूप में हुई।
हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल कर ली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद जेवर उसकी पत्नी और साली के जरिए ज्वेलरी दुकानों में गिरवी रखे जाते थे, जबकि कुछ सामान सीधे बेचा जाता था।
पुलिस के अनुसार चोरी से मिले पैसों से आरोपियों ने एक हीरो डेस्टिनी वाहन भी खरीदा था, जिसका इस्तेमाल आने-जाने में किया जाता था।
Satyaprakash Tiwari ने बताया कि आरोपियों के कब्जे और ज्वेलरी दुकान से करीब 60 ग्राम सोने के जेवर, 850 ग्राम चांदी के आभूषण, कैमरा, इंडक्शन चूल्हा, 7800 रुपये नकद और चोरी में इस्तेमाल वाहन बरामद किया गया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 13 लाख 12 हजार 800 रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि मामले में नौशाद का साढ़ू फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
