Vikramaditya Vedic Ghadi : वाराणसी। उज्जैन के बाद अब काशी विश्वनाथ धाम में भी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित कर दी गई है। रविवार को ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई यह घड़ी महज समय नहीं बताती, बल्कि सनातन साइंस का पूरा डेटाबेस है। यह घड़ी सूर्योदय के आधार पर 30 मुहूर्तों में समय की गणना करती है और ग्रहों, नक्षत्रों, पंचांग तथा शुभ-अशुभ मुहूर्त की सटीक जानकारी देती है।
सूर्योदय के अनुसार खुद को ढाल लेती है घड़ी
इस घड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जिस स्थान पर लगी है, वहां के सूर्योदय के अनुसार खुद को ढाल लेती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय स्टैंडर्ड टाइम (IST), विक्रम संवत, मास, पंचांग, ग्रहों की स्थिति, चंद्रमा की चाल, भद्रा की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त सबकी जानकारी एक साथ उपलब्ध होती है।
30 मुहूर्त का दिन, अलग है गणित
वैदिक घड़ी समय को आधुनिक सेकंड या मिनट में नहीं, बल्कि प्राचीन शास्त्रीय पद्धति से मापती है। यहां एक दिन 24 घंटे का नहीं, बल्कि 30 मुहूर्त का होता है। एक मुहूर्त की अवधि लगभग 48 मिनट होती है। एक दिन में 900 कला (लगभग 96 सेकंड) और 27,000 काष्ठा (लगभग 3.2 सेकंड) होती हैं।

5800 साल का कैलेंडर वाला ऐप भी लॉन्च
इस प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप’ भी लॉन्च किया गया है। इस ऐप में पिछले और अगले 5800 सालों का पंचांग उपलब्ध है। यह ऐप हर शुभ और अशुभ समय का संकेत अलार्म के जरिए देता है। साथ ही आपके शहर का तापमान, हवा की गति और आर्द्रता की सटीक जानकारी भी देता है। ऐप 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री योगी को भेंट की गई थी घड़ी
3 अप्रैल को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह अनूठी वैदिक घड़ी भेंट की थी। अब इसे श्री काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह घड़ी सनातन परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत मिश्रण है। यह घड़ी और ऐप न सिर्फ समय बताएगा, बल्कि लोगों को सही मुहूर्त चुनने में भी मदद करेगा।
