हवाना। क्यूबा इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े बिजली संकट से जूझ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि देश का अंधेरा अब अंतरिक्ष से भी दिखाई देने लगा है। NASA की सैटेलाइट तस्वीरों में पूरे देश में फैला ब्लैकआउट साफ नजर आया है।
अंतरिक्ष से दिखा अंधेरा
NASA के ‘ब्लैक मार्बल’ डेटा के अनुसार 22 मार्च 2026 को क्यूबा का बड़ा हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में डूब गया। पिछले साल इसी समय जहां रोशनी थी, अब वहां बिजली का भारी संकट दिख रहा है। इस स्थिति ने 1 करोड़ से अधिक लोगों की जिंदगी प्रभावित कर दी है।
बड़े शहर भी बेहाल
हवाना और सैंटियागो डी क्यूबा जैसे प्रमुख शहर, जो पहले रोशनी से जगमगाते थे, अब बिजली संकट से जूझ रहे हैं। पावर ग्रिड बार-बार फेल हो रहा है, जिससे देशभर में अंधेरा छाया हुआ है।
ब्लैकआउट की बड़ी वजहें
- क्यूबा की 80% से ज्यादा बिजली तेल पर निर्भर
- पुराने और जर्जर पावर प्लांट
- ईंधन की भारी कमी
- सौर और वैकल्पिक ऊर्जा की कमी
विदेशी सप्लाई और प्रतिबंधों का असर
पहले वेनेजुएला से मिलने वाला तेल क्यूबा के लिए सहारा था, लेकिन वहां के संकट के कारण सप्लाई घट गई।
साथ ही अमेरिका के नए प्रतिबंधों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, जिससे तेल और जरूरी उपकरण आयात करना मुश्किल हो गया है।
बुनियादी सुविधाएं ठप
बिजली संकट का असर अब आम जीवन पर साफ दिख रहा है—
- पानी की सप्लाई बाधित
- फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज बंद, खाना खराब
- अस्पताल जनरेटर पर निर्भर
- मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित
गंभीर मानवीय संकट की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह बिजली संकट बड़े मानवीय संकट में बदल सकता है। फिलहाल क्यूबा अंधेरे और संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है।
