Khelo India National Tribal Games 2026: रायपुर। केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 25 मार्च 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026’ का शानदार उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के 30 से अधिक राज्यों से लगभग 3000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी और एथलेटिक्स जैसी विभिन्न खेल विधाओं में ये खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
Khelo India National Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ से शुरू हुई ट्राइबल गेम्स की नई यात्रा
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उद्घाटन के दौरान कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से हो रही है। उन्होंने कहा, “मैंने यहां की जनता का जबरदस्त उत्साह देखा है। भगवान श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इस पावन धरती पर बिताया था। आज इसी धरती से पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया की नई शुरुआत हो रही है।”

Khelo India National Tribal Games 2026: सीएम साय बोले- छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। “खेलो इंडिया के माध्यम से हम जनजातीय खेलों को विशेष बढ़ावा दे रहे हैं। हमारे राज्य के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हम खेल अधोसंरचना को लगातार मजबूत कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा खेल की ओर आएं।”

Khelo India National Tribal Games 2026: डिप्टी सीएम अरुण साव का स्वागत: “ऐतिहासिक दिन है”
डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है। “भगवान राम के ननिहाल में पहला खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स शुरू हो रहा है। आज सप्तमी का शुभ मुहूर्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों का लगातार उत्साहवर्धन कर रहे हैं। ऐसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खिलाड़ियों को किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है।”

Khelo India National Tribal Games 2026: 3000 से ज्यादा जनजातीय खिलाड़ी दिखाएंगे दम
इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित कई पारंपरिक और आधुनिक खेलों में देशभर के जनजातीय युवा अपनी क्षमता साबित करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इन खेलों का मकसद जनजातीय समुदायों की छिपी हुई प्रतिभाओं को न सिर्फ पहचान दिलाना है, बल्कि उन्हें मुख्यधारा के खेलों से जोड़ना भी है।
केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और जनजातीय युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
