नई दिल्ली, । एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों को लेकर राजधानी में सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने दिल्ली विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम कर रही है और इसका खामियाजा आम जनता को महंगे गैस सिलेंडर के रूप में भुगतना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर चुनावी वादे पूरे न करने का भी आरोप लगाया।
इधर, एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण भी सामने आ रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों पर दबाव बना है।
हालांकि, भारत सरकार ने घरेलू आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। हाल ही में दो भारतीय एलपीजी वाहक पोत सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में गैस लदी हुई है। ये पोत 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचकर आपूर्ति को मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्थिति को लेकर केंद्र और राज्यों से समन्वय के साथ काम करने की अपील की है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक एलपीजी समेत अन्य ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
