नई दिल्ली। देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह उनके लगातार 12वें स्वतंत्रता दिवस भाषण होंगे। इस बार का संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कुछ ही महीने हुए हैं और विपक्षी दल चुनाव और कथित गड़बड़ियों को लेकर उनकी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
भाषण में प्रमुख मुद्दे
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में इस बार राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर विशेष जोर रहने की संभावना है। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत विरोधी रुख से उत्पन्न आर्थिक और विदेशी संबंधों में अनिश्चितता पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं।
आत्मनिर्भर भारत का संदेश
मोदी पिछले वर्षों से लगातार 2047 तक विकसित भारत बनाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी तकनीक और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। इस वर्ष के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर उनका भाषण इसी थीम पर केंद्रित रहने की संभावना है।
रिकॉर्ड और तुलना
प्रधानमंत्री मोदी लगातार दो बार इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। लाल किले की प्राचीर से उनका यह 12वां संबोधन होगा। इस हिसाब से वे लगातार भाषण देने के मामले में जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर होंगे। इंदिरा गांधी ने जनवरी 1966 से मार्च 1977 और फिर जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 तक प्रधानमंत्री रहते हुए कुल 16 भाषण दिए थे।
भाषण की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी के पंद्रह अगस्त के भाषणों में हमेशा उस समय के प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दे, उनके कार्यकाल में विकास और नई योजनाओं की घोषणाएं शामिल होती हैं। इस वर्ष भी प्रधानमंत्री अपने संबोधन में नीतिगत पहल, कल्याणकारी योजनाओं और देश के विकास पर जोर देने की संभावना रखते हैं।
