रायपुर, 13 जून 2026। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल की मुख्यमंत्री द्वारा की गई सराहना के बाद इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ी लोकप्रियता
सुशासन तिहार के दौरान मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत निमधा में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्थानीय किसानों और महिला समूहों द्वारा उत्पादित विष्णु भोग चावल की विशेषताओं की खुलकर प्रशंसा की थी। उनके संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिससे इस पारंपरिक सुगंधित चावल को नई पहचान मिली।
रायपुर से पहुंचे ग्राहक
मुख्यमंत्री के वायरल वीडियो को देखने के बाद रायपुर निवासी अजय कुमार और उनके साथी इस चावल की गुणवत्ता और विशेषताओं से प्रभावित हुए। वे सीधे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले पहुंचे और उत्पादकों से संपर्क कर चावल की खरीदी की।
7 हजार रुपये की सीधी खरीदी
कलेक्टर Dr. Santosh Kumar Devangan की मौजूदगी में ग्राहकों ने Tipan Mahila Farmer Producer Company Limited से सीधे 50 किलोग्राम विष्णु भोग चावल खरीदा। इस खरीदी का कुल मूल्य 7 हजार रुपये रहा।
रायपुर से आए ग्राहकों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा उत्पाद की सराहना सुनने के बाद उनकी रुचि इस चावल में बढ़ी और वे इसकी सुगंध एवं स्वाद का स्वयं अनुभव करना चाहते थे। उन्होंने भविष्य में भी इसकी नियमित खरीदी करने की इच्छा जताई।
किसानों और महिला समूहों को लाभ
Tipan Mahila Farmer Producer Company Limited के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की सरकारी नीति से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और उत्पादक संगठनों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे ग्रामीण उत्पादों के लिए नए बाजार भी विकसित हो रहे हैं।
कृषि समृद्धि का नया ब्रांड
अपनी विशिष्ट सुगंध, स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल अब केवल एक पारंपरिक फसल नहीं रह गया है, बल्कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की कृषि समृद्धि और महिला उद्यमिता का प्रतीक बनकर उभर रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
