दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, नकदी और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि भिलाई निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। जांच में सामने आया कि वह सीबी क्रिकेट बज्ज बेटिंग एप और रुबीबेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टा कारोबार चला रहा था।
मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद गठित विशेष टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां से 8 अन्य युवकों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को वेतन पर रखकर डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट और तकनीकी कार्य कराता था। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक भुगतान किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा कारोबार संचालित कर रहा था। वहीं हर महीने करीब 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किया जा रहा था। अवैध कमाई को छिपाने के लिए आरोपी फर्जी बैंक खातों, एटीएम कार्डों और सिम कार्डों का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 1.54 लाख रुपये नकद और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा सट्टे की कमाई से खरीदे गए करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा टेलीकॉम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह के वित्तीय नेटवर्क, बैंक खातों, लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
