रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद, बेमेतरा और बालोद सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में तेज बारिश हुई, जबकि सक्ती जिले के चंद्रपुर में 20 मिमी तथा गरियाबंद के देवभोग, बस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में शनिवार को पेंड्रा रोड सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में 41.2 डिग्री, दुर्ग में 41 डिग्री, राजनांदगांव में 42 डिग्री, अंबिकापुर में 37.1 डिग्री और जगदलपुर में 36.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने सरगुजा और बस्तर संभाग के सभी जिलों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है।
मानसून की बात करें तो सामान्यतः छत्तीसगढ़ में 12 जून के आसपास मानसून की एंट्री होती है और यह बस्तर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करता है। हालांकि निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है, जिसके कारण इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून तय समय से चार से पांच दिन की देरी से पहुंच सकता है। वर्तमान में मानसून केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मिजोरम तक पहुंच चुका है।
