यूपीआई भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नया नियम लागू किया गया है। अब Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म पर भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का बैंक खाते में दर्ज वास्तविक नाम दिखाई देगा।
अब क्या बदलेगा?
पहले कई मामलों में भुगतान करते समय क्यूआर कोड, दुकान या व्यापारी का नाम दिखाई देता था। नए नियम के तहत अब बैंक रिकॉर्ड में दर्ज खाताधारक का वास्तविक नाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। इससे भुगतान करने से पहले सही व्यक्ति या संस्था की पहचान करना आसान होगा।
ठगी पर लगेगी लगाम
हाल के वर्षों में फर्जी क्यूआर कोड और नकली नामों के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। अब खाताधारक का वास्तविक नाम दिखाई देने से ग्राहक भुगतान से पहले नाम की पुष्टि कर सकेंगे, जिससे ठगी और गलत खाते में पैसा भेजने की संभावना कम होगी।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
* भुगतान से पहले वास्तविक खाताधारक का नाम दिखाई देगा।
* गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने का जोखिम घटेगा।
* फर्जी क्यूआर कोड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
* यूपीआई लेनदेन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा।
दुकानदारों को हो सकती है परेशानी
इस बदलाव का असर कुछ व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। कई बार दुकान का नाम और बैंक खाते का नाम अलग-अलग होता है। ऐसे में ग्राहक को स्क्रीन पर दुकान के बजाय मालिक या फर्म का बैंक-रजिस्टर्ड नाम दिखाई दे सकता है, जिससे शुरुआती दौर में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
पेमेंट करते समय रखें ध्यान
* भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिख रहे नाम की जांच करें।
* यदि नाम अपेक्षित व्यक्ति या संस्था से मेल नहीं खाता है तो भुगतान न करें।
* केवल क्यूआर कोड देखकर जल्दबाजी में ट्रांजेक्शन करने से बचें।
यह नया बदलाव डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने और ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
