मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में तेंदूपत्ता, जिसे हरा सोना कहा जाता है, हजारों आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार बन गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलने वाली आय ने ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा दी है।
वर्ष 2026 में जिले की 39 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के अंतर्गत 40 लॉट और 502 फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया। मई माह में 37 हजार 131 संग्राहक परिवारों ने 55 हजार 741.7 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया, जिसके बदले उन्हें 30 करोड़ 65 लाख 79 हजार 350 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 में बूटा कटाई के लिए 40 लाख 51 हजार 154 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
जिले का तेंदूपत्ता अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण प्रदेशभर में पहचान बना चुका है। इसी वजह से यहां के तेंदूपत्ता लॉट हर वर्ष ऊंची दरों पर खरीदे जाते हैं। वर्ष 2023 के संग्रहण के लिए जिले की 36 समितियों के 33 हजार 363 संग्राहक परिवारों को 11 करोड़ 97 लाख 98 हजार 934 रुपये बोनस के रूप में दिए जाने की प्रक्रिया भी जारी है।
तेंदूपत्ता संग्रहण और बूटा कटाई के भुगतान के लिए ऑनलाइन और डीबीटी व्यवस्था लागू होने से राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता से होने वाली आय बच्चों की शिक्षा, खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
