लोकसभा ने मंगलवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट की समय सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब समिति अपनी रिपोर्ट 2025 के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक पेश कर सकेगी।
समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने यह प्रस्ताव सदन में रखा और आग्रह किया कि संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। यह विधेयक दिसंबर 2024 में पेश हुआ था और विस्तृत जाँच के लिए संयुक्त समिति को भेजा गया था।
इसी बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में न्यायमूर्ति अमित कुमार, न्यायमूर्ति मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी बी आचार्य शामिल हैं।
बिरला ने पुष्टि की कि 146 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। यह कदम उस मामले के बाद उठाया गया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज वर्मा के आवास पर आग लगने के बाद जले हुए नोट बरामद हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त को आंतरिक जाँच प्रक्रिया को सही ठहराते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
