रायपुर। राजधानी के डीडी नगर क्षेत्र में सितंबर 2025 में हुई एक संदिग्ध मौत का खुलासा करीब 8 महीने बाद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 17 गंभीर चोटें मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच की, जिसमें यह सामने आया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। इस मामले में पुलिस ने पत्नी और बेटियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, मृतक वीरेंद्र विपणन संघ में चपरासी के पद पर कार्यरत था। शुरुआत में उसकी मौत को दुर्घटना बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए। जांच के दौरान सच्चाई सामने आई कि 27 सितंबर 2025 की रात परिवार के भीतर ही विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना की रात मृतक की 19 वर्षीय बेटी तनिया मोबाइल पर रील देख रही थी। पिता द्वारा मना करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गया। इस दौरान पत्नी दीपा भारती गोस्वामी और दोनों बेटियों ने मिलकर लकड़ी के बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपियों ने घर में मौजूद खून के निशान साफ किए और कपड़े व हथियार को नाले में फेंक दिया। परिजनों और आसपास के लोगों को गुमराह करने के लिए यह कहानी बनाई गई कि वीरेंद्र बाथरूम में गिरने से घायल हुए थे।
इतना ही नहीं, पत्नी ने इस घटना को दुर्घटना बताकर अनुकंपा नियुक्ति भी प्राप्त कर ली थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
फिलहाल पुलिस ने 44 वर्षीय पत्नी दीपा भारती गोस्वामी, 19 वर्षीय बेटी तनिया और एक नाबालिग बेटी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
