केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों के सुधार और सम्मानजनक पुनर्वास के उद्देश्य से संचालित निश्चय कार्यक्रम के तहत उन्हें रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से महिला बंदियों को जेल के भीतर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न अपराधों में निरुद्ध 60 महिला बंदियों को अचार और मसाला निर्माण का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल परिसर में नियमित रूप से अचार का उत्पादन शुरू कर दिया है।
महिला बंदियों द्वारा आम, नींबू, गाजर और लहसुन सहित विभिन्न प्रकार के स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण अचार तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की बिक्री केंद्रीय जेल परिसर स्थित आस्था गृह उद्योग स्टॉल और जेल कैंटीन के माध्यम से की जा रही है। बिक्री से प्राप्त आय का एक हिस्सा महिला बंदियों के खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से महिला बंदियों को रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे रिहाई के बाद वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे।
