Department of War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमेरिका के ‘रक्षा विभाग’ का नाम बदलकर ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ कर दिया है। यह नाम द्वितीय विश्व युद्ध से पहले इस्तेमाल किया जाता था, और अब इसे फिर से आधिकारिक नाम के रूप में लागू किया गया है। शुक्रवार को ट्रंप ने इस आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया।
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम अमेरिकी सेना और विभाग की ताकत और पहचान को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब इस विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों के पदनाम में ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ का उल्लेख किया जाएगा।
नाम बदलने से जुड़ी जानकारी
यह नाम परिवर्तन अमेरिकी रक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। खास बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने इस आदेश के तहत संघीय एजेंसी का नाम बदलने के लिए कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। इस कदम के तहत ‘युद्ध विभाग’ को एक सेकेंडरी शीर्षक के रूप में जोड़ा गया है, जिससे कोई कानूनी अड़चन नहीं आई।
ट्रंप का बयान
इस आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हमने पहले और दूसरे विश्व युद्ध जीते थे, लेकिन फिर हम जागरूक होने का नाटक करने लगे और विभाग का नाम बदलकर ‘रक्षा विभाग’ रख दिया। अब हम वापस अपनी पुरानी पहचान पर लौट रहे हैं।”

पेंटागन का नया ब्रांड
व्हाइट हाउस ने बताया कि अब जो लोग पेंटागन की आधिकारिक वेबसाइट ‘defense.gov’ पर जाएंगे, उन्हें स्वतः ‘war.gov’ पर भेज दिया जाएगा। यह बदलाव विभाग की नई पहचान और ब्रांडिंग को दर्शाने के लिए किया गया है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, “अब हम सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आक्रामक रणनीतियों को भी अपनाएंगे। हम केवल रक्षक नहीं, बल्कि असली योद्धाओं को तैयार करेंगे।”
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में एक विवादित हवाई हमला किया था, जिसमें 11 लोग मारे गए थे। पेंटागन का दावा है कि मृतक ड्रग तस्करी से जुड़े थे और वेनेज़ुएला के एक कुख्यात अपराधी गिरोह से जुड़े थे।
