भागदौड़ भरी जिंदगी, असंतुलित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से आम होती जा रही है। नसों में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) हार्ट ब्लॉकेज, हाई बीपी और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में जहां कई लोग दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं, वहीं आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक उपाय भी बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है कश्मीरी लहसुन, जिसे ‘एक कली लहसुन’ भी कहा जाता है।
क्यों खास है कश्मीरी लहसुन?
कश्मीरी लहसुन अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और सल्फर यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में जमा हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। यह हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने और रक्त संचार बेहतर करने में मददगार हो सकता है।
हालांकि, किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर यदि आप पहले से दवा ले रहे हों।
कश्मीरी लहसुन कैसे करें सेवन?
- 4–5 छोटी कलियां लें।
- इन्हें छीलकर हल्का कूट लें।
- सुबह खाली पेट अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- चाहें तो पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर धीरे-धीरे पिएं।
- सेवन के बाद कम से कम 1 घंटे तक कुछ भी न खाएं-पिएं।
संभावित फायदे
- HDL बढ़ाने में सहायक – अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
- LDL घटाने में मददगार – धमनियों में जमा वसा को कम करने में सहायक माना जाता है।
- हार्ट हेल्थ सपोर्ट – धमनियों की कार्यक्षमता सुधारकर हृदय संबंधी जोखिम कम कर सकता है।
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर – सूजन कम कर रक्त प्रवाह में सुधार ला सकता है।
- एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव – फ्री-रेडिकल्स से लड़कर कोशिकाओं की सुरक्षा करता है।
- ब्लड प्रेशर संतुलन – नियमित सेवन से रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रखें
प्राकृतिक उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक है या हृदय संबंधी कोई समस्या है, तो नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श अनिवार्य है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी उपचार या उपाय को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
