भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय शमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनके शानदार सफर का अंत हो गया। शमी ने अपने करियर के दौरान मिले समर्थन और अवसरों के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB), परिवार, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों का आभार जताया।
मोहम्मद शमी ने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले और 27.71 की औसत से कुल 229 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा भी किया। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 56 रन देकर 6 विकेट रहा।
भावुक पोस्ट में शमी ने कही दिल की बात
संन्यास की घोषणा करते हुए शमी ने अपने टेस्ट करियर को याद किया। उन्होंने लिखा कि जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका एक ही सपना था कि अपने देश के लिए कुछ खास करें। हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें जीवन के कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए।
शमी ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है। उन्होंने भारी मन और अनगिनत सुनहरी यादों के साथ इस सफर को अलविदा कहा।
BCCI, CAB और प्रशंसकों को दिया धन्यवाद
मोहम्मद शमी ने अपने संदेश में BCCI और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया, उन्हें मौके दिए और क्रिकेट के सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा उन्होंने अपने साथियों, कोचों, परिवार और उन लाखों भारतीय प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया और हमेशा उन पर विश्वास बनाए रखा।
शमी ने अपने संदेश में लिखा कि भले ही उन्होंने अपनी आखिरी टेस्ट गेंद फेंक दी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व उनके दिल में हमेशा जिंदा रहेगा। उन्होंने अपने भावुक संदेश का समापन ‘धन्यवाद, टेस्ट क्रिकेट’ कहकर किया।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में भी दिखाया दम
मोहम्मद शमी अपनी तेज रफ्तार, रिवर्स स्विंग और पुरानी गेंद से शानदार मूवमेंट हासिल करने की क्षमता के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने घरेलू मैदानों के साथ-साथ विदेशी परिस्थितियों में भी भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन किए।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में उनकी गेंदबाजी ने भारतीय टीम को मजबूती दी। जसप्रीत बुमराह के साथ उनकी जोड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की सबसे प्रभावशाली जोड़ियों में शामिल रही।
64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर भारतीय क्रिकेट के यादगार अध्यायों में गिना जाएगा। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बावजूद भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान और शानदार गेंदबाजी को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
