छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को फिल्म निर्माताओं के सामने आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की योजना बनाई जा रही है। इसी सिलसिले में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिल्म शूटिंग के लिए प्राकृतिक और सिनेमैटिक दृश्यों की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के अनछुए प्राकृतिक स्थल, समृद्ध संस्कृति और विविध पर्यटन केंद्र फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर सकते हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में फिल्म शूटिंग के लिहाज से उपयुक्त नए स्थलों की पहचान की जाए और उन्हें विकसित करने के साथ प्रचारित भी किया जाए। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आकर्षक शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
चित्रोत्पला फिल्म सिटी और फिल्म नीति के नवीनीकरण पर जोर
बैठक में छत्तीसगढ़ की मौजूदा फिल्म नीति को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित चित्रोत्पला फिल्म सिटी के प्रस्ताव और उसके विकास की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं और प्रोडक्शन हाउस के लिए शूटिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है, ताकि अधिक से अधिक फिल्म निर्माता छत्तीसगढ़ में शूटिंग के लिए आकर्षित हों।
स्थानीय कलाकारों और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, युवाओं और होटल उद्योग को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग बढ़ने से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
फूड प्रोसेसिंग और निफ्टेम के प्रस्ताव पर भी चर्चा
उच्चस्तरीय बैठक में निफ्टेम (NIFTEM) के प्रस्तावित भ्रमण तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं और प्रशिक्षण के विस्तार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार की इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को फिल्म उद्योग से जोड़ने, शूटिंग सुविधाओं का विस्तार करने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी का प्रस्ताव भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण विषय रहा।
