बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर युवाओं में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। नारायणपुर जिले में इस वर्ष लगभग 63 हजार युवाओं ने बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या करीब 48 हजार थी। युवाओं की बढ़ती भागीदारी खेलों के प्रति क्षेत्र में बढ़ती रुचि को दर्शाती है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर में जिला स्तरीय युवा उत्सव एवं विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2026 का शुभारंभ किया।
ग्रामीण युवाओं को मिल रहा प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर
बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के युवाओं को खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव युवाओं की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि खेलों में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग है।
मंत्री ने युवाओं से प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपनी प्रतिभा के दम पर गांव, जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
पिछले वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत बढ़ा पंजीयन
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस वर्ष जिले में बस्तर ओलंपिक एवं युवा उत्सव के लिए युवाओं के पंजीयन में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बार करीब 15 हजार अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। बस्तर ओलंपिक में 11 खेल विधाओं तथा जिला स्तरीय युवा उत्सव में नौ विधाओं को शामिल किया गया है।
रस्साकसी से हुई प्रतियोगिताओं की शुरुआत
आयोजन के पहले दिन प्रतियोगिताओं की शुरुआत स्कूली छात्राओं की पारंपरिक रस्साकसी से हुई। इसके बाद 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के बीच 100 मीटर दौड़ आयोजित की गई। कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्साकसी, फुटबॉल और तीरंदाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में ग्रामीण क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम और जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं को खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी से बस्तर में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिल रही है।
