रायपुर,। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। तीज का पर्व समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में हर माह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार यह आर्थिक सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर रहा है।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी परिवारों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।
650 करोड़ की लागत से बन रही फिल्म सिटी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। प्रदेश में लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि फिल्म सिटी के निर्माण से प्रदेश में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होने के साथ पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कलाकारों का किया सम्मान
तीज मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रस्तुत किया छत्तीसगढ़ी लोकगीत
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तीज के अवसर पर माताओं-बहनों के अभिनंदन को अपने लिए सौभाग्य बताया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। समारोह के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया, जिससे कार्यक्रम में तीज पर्व और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग और गहरा हो गया।
मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की पूजा कर मांगी प्रदेश की खुशहाली
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर विराजित भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान गणेश से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति और समृद्धि तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
