वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित खतरों और उसके रेगुलेशन को लेकर AI कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। ‘ऑल-इन पॉडकास्ट’ में बातचीत के दौरान वेंस ने कहा कि यदि AI डेवलपर्स ऐसे सिस्टम तैयार कर रहे हैं, जिनसे गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं, तो उन्हें पहले उन जोखिमों को कम करने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय विकसित करने चाहिए।
वेंस ने AI के संभावित खतरों की तुलना ‘फ्रेंकस्टीन’ से करते हुए कहा कि कंपनियों को ऐसे सिस्टम विकसित करने के साथ-साथ उनसे पैदा होने वाले जोखिमों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उनके मुताबिक, खतरे पैदा होने के बाद सरकार से वैश्विक रेगुलेशन की मांग करने के बजाय कंपनियों को अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
Anthropic के AI मॉडल का किया जिक्र
जेडी वेंस ने Anthropic के नए AI मॉडल से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल साइबर हमलों जैसे खतरनाक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में AI कंपनियों को केवल अत्याधुनिक मॉडल विकसित करने पर ही नहीं, बल्कि संभावित दुरुपयोग से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरण तैयार करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
Anthropic ने सितंबर 2026 की अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में AI के दुरुपयोग से जुड़े मामलों का उल्लेख किया है। कंपनी के अनुसार, उसके AI मॉडल का इस्तेमाल साइबर ऑपरेशन, निगरानी और प्रभाव अभियानों समेत विभिन्न गतिविधियों में किए जाने के प्रयास सामने आए। कंपनी ने कहा कि उसने ऐसे मामलों की पहचान कर उन्हें बाधित किया और अपने सुरक्षा उपायों को मजबूत किया।
AI रेगुलेशन पर जारी है बहस
AI की सुरक्षा और रेगुलेशन को लेकर अमेरिका समेत दुनियाभर में बहस जारी है। कुछ AI कंपनियों के प्रमुखों ने AI विकास की तेज रफ्तार और उससे जुड़े संभावित जोखिमों पर चिंता जताई है। वहीं, जेडी वेंस ने सरकारी रेगुलेशन के बजाय AI कंपनियों की कॉर्पोरेट जवाबदेही और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है।
वेंस का कहना है कि AI डेवलपर्स को संभावित खतरों को लेकर केवल सरकार से नियम बनाने की मांग करने के बजाय स्वयं भी ऐसे सुरक्षा तंत्र विकसित करने चाहिए, जो AI के गलत इस्तेमाल और उससे पैदा होने वाले जोखिमों को रोकने में मदद कर सकें।
