मुख्य सचिव विकासशील ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत राज्य में टेक्सटाइल और तकनीकी वस्त्र क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामोद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि तकनीकी वस्त्र उद्योग के विकास के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, बाजार विकास, अनुसंधान, नवाचार और विकास से संबंधित विषयों पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया।
शैक्षणिक संस्थानों से लिया जाएगा सहयोग
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी वस्त्र उद्योग के लिए आवश्यक मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से शैक्षणिक और तकनीकी शिक्षण संस्थानों से सहयोग लिया जाए। इसके माध्यम से युवाओं को तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
एग्रो और मेडिकल टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा
बैठक में एग्रो टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल, स्मार्ट टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स, होम और क्लॉथ से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इन क्षेत्रों में प्रदेश की संभावनाओं और विकास के लिए आवश्यक कदमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा सहित उद्योग एवं वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, एनआईटी एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
