रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर शुरू हो गया है। सुरक्षा के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री निवास में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में आए पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता, नई औद्योगिक नीति, निवेश, रोजगार तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विस्तार की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में पहले शासन की पहुंच मुश्किल थी, वहां अब ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बिजली, पेयजल, राशन, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति और कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनेंगे।
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और भविष्य के उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के उभरते एजुकेशन हब बन रहे हैं, जहां उच्च और तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के विस्तार से विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। साथ ही, दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल शिक्षा का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।
