नई दिल्ली , परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सक्रिय Cockroach Janata Party (CJP) ने गुरुवार को अपना शिक्षा घोषणापत्र जारी करने की घोषणा की। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि यह घोषणापत्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की सुरक्षा पर केंद्रित होगा।
दिपके ने कहा कि देशभर में शुरू हो रहा यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा। आंदोलन की शुरुआत Savitribai Phule Pune University परिसर से की गई है, जहां जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।
घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु
CJP के अनुसार शिक्षा घोषणापत्र में निम्न मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है—
- प्रश्न-पत्र लीक की घटनाओं पर रोक
- परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करना
- भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना
- परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
- परीक्षा आयोजन में देरी और अनियमितताओं से छात्रों को होने वाली समस्याओं का समाधान
20 जून तक चलेगा आंदोलन
अभिजीत दिपके के मुताबिक यह अभियान पुणे से शुरू होकर जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित कई शहरों तक पहुंचेगा। आंदोलन का समापन 20 जून को जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन के साथ होगा।
दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
सोशल मीडिया अभियान से मिली पहचान
हाल के सप्ताहों में परीक्षा सुधार और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए गए सोशल मीडिया अभियानों के कारण CJP चर्चा में आया है। संगठन स्वयं को युवाओं द्वारा संचालित ऐसे मंच के रूप में प्रस्तुत कर रहा है जो शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहा है।
यह आंदोलन ऐसे समय में शुरू हुआ है जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस जारी है।
