“कॉकरोच जनता पार्टी” (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार को अमेरिका से भारत पहुंचने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं तथा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।
दिल्ली हवाई अड्डे पर दिपके को भीमराव रामजी अंबेडकर से संबंधित एक पुस्तक हाथ में लिए देखा गया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान “जय भीम” के नारे भी सुनाई दिए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि NEET-UG 2026 परीक्षा और CBSE की मूल्यांकन प्रणाली में गंभीर खामियां रही हैं, जिनसे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में दिपके ने कहा कि उनकी चिंता केवल NEET या CBSE तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की समग्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि वह लंबे समय से दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कार्य करते रहे हैं और शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षित बदलाव नहीं होने से निराश हैं।
प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों ने भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन को लेकर विभिन्न छात्र समूहों और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है।
