सूरत । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के सूरत जिले स्थित हजीरा में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के अत्याधुनिक आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स पहुंचे। यह देश का पहला निजी क्षेत्र द्वारा विकसित बख्तरबंद वाहन निर्माण परिसर है, जो भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने संयंत्र का निरीक्षण किया और वहां कार्यरत इंजीनियरों एवं कर्मचारियों से संवाद किया। इस दौरान स्वदेशी रक्षा उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास तथा सैन्य उपकरणों के निर्माण में निजी क्षेत्र की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।
K-9 वज्र बना भारतीय सेना की ताकत
हजीरा संयंत्र में निर्मित K-9 वज्र-टी स्व-चालित हॉवित्जर भारतीय सेना की प्रमुख तोप प्रणालियों में शामिल है। यह तोप पूर्वी लद्दाख सहित दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रभावी संचालन के लिए जानी जाती है। भारतीय सेना पहले से लगभग 100 K-9 वज्र का उपयोग कर रही है और अतिरिक्त इकाइयों की खरीद की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
जोरावर टैंक से बढ़ेगी सीमाओं की सुरक्षा
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और एलएंडटी द्वारा विकसित किया जा रहा हल्का टैंक ‘जोरावर’ भी इसी संयंत्र में तैयार किया जा रहा है। लगभग 25 टन वजनी यह टैंक विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए डिजाइन किया गया है। वर्तमान में इसके विभिन्न परीक्षण जारी हैं और इसे भविष्य में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने वाला प्लेटफॉर्म माना जा रहा है।
FICV और आधुनिक युद्ध क्षमता
हजीरा संयंत्र में भारतीय सेना की महत्वाकांक्षी फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (FICV) परियोजना पर भी काम चल रहा है। यह आधुनिक लड़ाकू वाहन अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, एंटी-टैंक मिसाइलों और उन्नत सुरक्षा तकनीकों से लैस होगा। इसके अलावा ऑल-टेरेन बीवीएस10 सिंधु बख्तरबंद वाहन के निर्माण की भी योजना है।
आत्मनिर्भर भारत को मिल रही नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी लगातार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर देते रहे हैं। सरकार का लक्ष्य रक्षा आयात पर निर्भरता कम कर भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
प्रधानमंत्री का हजीरा दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। K-9 वज्र, जोरावर टैंक और FICV जैसी परियोजनाएं न केवल सेना की क्षमता बढ़ाएंगी, बल्कि भारत को रक्षा उपकरणों के वैश्विक बाजार में भी मजबूत पहचान दिलाएंगी।
भारत का हजीरा रक्षा परिसर आज “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का एक मजबूत प्रतीक बनकर उभर रहा है।
