Donald Trump की ओर से ईरान को दी गई सख्त चेतावनी के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और Iran के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में जारी शांति वार्ता फिलहाल किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। इस बीच Israel के संभावित रुख और तेहरान पर हमले की आशंकाओं ने भी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
ईरान ने कहा- UAE समेत किसी देश से दुश्मनी नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि तेहरान की क्षेत्र के किसी भी देश, जिसमें United Arab Emirates भी शामिल है, से कोई शत्रुता नहीं है। यह बयान सऊदी अरब और यूएई में हालिया ड्रोन हमलों के बाद सामने आया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने अमेरिका के साथ वार्ता में अपनी प्रमुख मांगों में प्रतिबंध हटाने और जब्त संपत्तियों की रिहाई को शामिल किया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में जारी है वार्ता
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए शांति प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे को संशोधित प्रस्ताव और शर्तें भेज रहे हैं, लेकिन यूरेनियम संवर्धन का मुद्दा अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
अमेरिका लंबे समय से ईरान से शून्य संवर्धन की मांग कर रहा है, जबकि तेहरान इसे मानने से इनकार करता रहा है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान सीमित अवधि के लिए संवर्धन रोकने पर विचार कर सकता है।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी हलचल
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ समझौते के लिए “समय तेजी से निकलता जा रहा है।” इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया।
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी लगभग 1.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इजराइल की भूमिका पर टिकी नजरें
मौजूदा हालात में अमेरिका और इजराइल के संभावित सैन्य रुख पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। हालांकि तेहरान पर किसी संभावित हमले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक गतिरोध ने पश्चिम एशिया की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
