छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से जुड़े बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। रायपुर की विशेष अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया।
मामले के अनुसार, आरोपी और पीड़िता कॉलेज के समय से एक-दूसरे को जानते थे। पढ़ाई के दौरान आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर युवती से संबंध बनाए। पीड़िता ने शुरुआत में अलग जाति होने के कारण रिश्ते से इनकार किया था, लेकिन आरोपी के बार-बार आश्वासन देने पर वह तैयार हो गई।
अदालत में पेश साक्ष्यों के मुताबिक, वर्ष 2021 से लेकर 2025 तक आरोपी लगातार शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। वर्ष 2024 में सरकारी नौकरी मिलने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और उसने पीड़िता को जातिसूचक टिप्पणी करते हुए शादी से इनकार कर दिया।
पीड़िता की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया और जांच के बाद अदालत में सुनवाई पूरी हुई। 2 मई को आए फैसले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को ऐसे मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है, जहां शादी का झांसा देकर शोषण किया जाता है।
