रायपुर, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। उन्होंने परिसर में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद किया।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी समानता की भावना है, जहां व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या समुदाय से नहीं बल्कि उसके कर्म और व्यक्तित्व से होती है। उन्होंने कहा कि इस विचारधारा को मजबूत करने में बाबा साहेब का योगदान अतुलनीय है।
उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले दलित, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी होती थी, लेकिन बाबा साहेब ने उनके सम्मान, न्याय और अधिकारों के लिए संघर्ष कर उन्हें मुख्यधारा में स्थान दिलाया। इस दौरान उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मेडिकल विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और नाट्य मंचन के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके विचारों को आत्मसात कर बेहतर समाज निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय और चिकित्सालय के अधिकारी, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
