चेन्नई/बेंगलुरु। तमिलनाडु की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तमिलगा वेत्री कज़गम (टीवीके) के अध्यक्ष और अभिनेता से नेता बने विजय को “अपरिपक्व राजनीतिज्ञ” करार दिया है। शिवकुमार का यह बयान विजय द्वारा कांग्रेस और डीएमके गठबंधन पर लगाए गए आरोपों के जवाब में आया है।
दरअसल, 8 अप्रैल को एक चुनावी सभा में विजय ने आरोप लगाया था कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कांग्रेस नेताओं को प्रभावित कर रखा है और पार्टी अंदरूनी रूप से कमजोर हो चुकी है। विजय ने यह भी दावा किया कि “असली कांग्रेस” उनके साथ खड़ी है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डीएमके के साथ मजबूती से खड़ी है और विजय के दावे बेबुनियाद हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विजय राजनीति में अभी नए हैं और उन्हें अनुभव की कमी है। शिवकुमार ने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करेंगे और गठबंधन की दो-तिहाई बहुमत से जीत का दावा किया।
वहीं, राज्य में कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान की खबरें भी सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस 30 से अधिक सीटों की मांग कर रही है, जबकि डीएमके लगभग 25 सीटें देने के पक्ष में है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क किया है और बातचीत का दौर जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बयानों और अंदरूनी मतभेदों का असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है, जहां गठबंधन की मजबूती और विपक्ष की रणनीति दोनों अहम भूमिका निभाएंगी।
