देशभर में Hanuman Jayanti का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। चैत्र पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर भक्त भगवान Hanuman की पूजा-अर्चना कर सुख, शक्ति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। यदि किसी कारणवश सुबह पूजा नहीं कर पाए हैं, तो शाम का समय भी आराधना के लिए उत्तम माना गया है।
शाम का शुभ मुहूर्त
आज शाम 6:39 बजे से 8:06 बजे तक का समय पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
पूजा विधि और महत्व
शाम के समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल पर दीपक एवं अगरबत्ती प्रज्वलित करें। भगवान Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प और गुड़-चना अर्पित करें। इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और अंत में आरती करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है। साथ ही हनुमान चालीसा का 7 या 11 बार पाठ करने से शनि दोष और अन्य कष्टों से राहत मिलती है।
शुभ योग का प्रभाव
ध्रुव योग दोपहर तक प्रभावी रहेगा, जबकि शाम तक हस्त नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा। इन शुभ योगों में की गई पूजा से जीवन में स्थिरता, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उपाय और विशेष लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन मंदिर में जाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाना, गुड़-चना का दान करना और ‘राम’ नाम का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य सूचनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत आस्था और परंपराओं के अनुसार पूजा-पद्धति में अंतर संभव है।
