मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इज़राइल पर ईरान के हमले ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। उत्तरी इज़राइल के शहर किरयात शमोना में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग को अचानक बंकर में शरण लेनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, हर्ज़ोग एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस घटना ने क्षेत्र में बढ़ते खतरे और अस्थिरता को उजागर कर दिया है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने कहा था कि इज़राइल पिछले वर्ष के युद्धविराम की स्थिति में वापस नहीं लौट सकता और देश की सुरक्षा के लिए लेबनान के भीतर रणनीतिक बढ़त बनाए रखना जरूरी है।
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की संभावना बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौता होता है, तो ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका अपने नियंत्रण में ले सकता है। हालांकि, ईरान ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी प्रकार की बातचीत नहीं हो रही है और इस तरह की खबरें भ्रामक हैं।
तनाव के बीच ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए समय सीमा दी थी, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले किए जा सकते हैं।
लगातार बढ़ते इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, शेयर बाजार में अस्थिरता और हवाई मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंता और गहरा गई है।
