राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha ने मोबाइल डेटा के लैप्स होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि रोजाना मिलने वाला बचा हुआ डेटा खत्म हो जाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और इसके लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
शून्यकाल के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मोबाइल रिचार्ज के लिए पूरा पैसा चुकाते हैं, लेकिन यदि वे निर्धारित समय के भीतर पूरा डेटा उपयोग नहीं कर पाते, तो वह आधी रात के बाद स्वतः समाप्त हो जाता है। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने मांग की कि बचा हुआ डेटा अगले दिन उपयोग के लिए उपलब्ध होना चाहिए या फिर उसे रिचार्ज प्लान में समायोजित करने की सुविधा दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि मौजूदा सिस्टम में रोजाना डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक स्तर पर डेटा उपयोग की कोई लचीलापन नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होता है।
चड्ढा ने यह भी सुझाव दिया कि बचा हुआ डेटा “डिजिटल संपत्ति” के रूप में माना जाए, ताकि उपभोक्ता उसे आगे उपयोग कर सकें या ट्रांसफर कर सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बिजली में जितनी खपत होती है, उतना ही भुगतान किया जाता है, उसी तरह डेटा के मामले में भी उपभोक्ताओं से केवल उपयोग के आधार पर शुल्क लिया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से इस दिशा में नीतिगत बदलाव करने की अपील की, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
