जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन आम लोगों के बीच अपनी निजी और संपत्ति से जुड़ी जानकारी साझा करने को लेकर संकोच और आशंकाएं भी सामने आ रही हैं। इन चिंताओं को दूर करते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों से एकत्र की जाने वाली जानकारी न तो सार्वजनिक की जाएगी और न ही सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध होगी। इसके अलावा, इन आंकड़ों का उपयोग किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में भी नहीं किया जा सकेगा।
33 बिंदुओं पर जुटेगी जानकारी
जनगणना के प्रथम चरण में घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, संसाधन और परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह डेटा केवल सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विकास कार्यों की योजना बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा।
ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध
लोग चाहें तो सेल्फ-एन्यूमरेशन के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन भी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी दें और किसी भी तरह का डर या संकोच न रखें। अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार तैयार होता है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए सभी लोग बिना किसी आशंका के जनगणना में भाग लें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
